आम तौर पर मिस्र (Egypt) के पिरामिडों में ममी बनाने के लिए इंसानों को जटिल प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। लेकिन अमेरिका के जंगलों में एक बार कुदरत ने खुद एक ऐसा करिश्मा किया, जिसने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया।
यह कहानी है ‘Stuckie’ की—एक ऐसा कुत्ता जो 20 साल तक पेड़ के अंदर फंसा रहा और सड़ने के बजाय पत्थर जैसा बन गया।1980: वह डरावनी खोजसाल 1980 था। अमेरिका के जॉर्जिया (Georgia) राज्य में Kraft Corporation के कुछ लकड़हारे जंगल में ओक (Oak) के पेड़ों की कटाई कर रहे थे। उन्होंने एक विशाल ‘चेस्टनट ओक’ (Chestnut Oak) के पेड़ को काटा और उसे ट्रक पर लादने के लिए उसके टुकड़े करने लगे।तभी एक लकड़हारे की नज़र कटे हुए तने के खोखले हिस्से के अंदर गई। वह डर के मारे पीछे हट गया। उसने देखा कि अंधेरे तने के अंदर से दो आंखें उसे घूर रही हैं। जब टॉर्च जलाकर देखा गया, तो वहां एक पूरा का पूरा कुत्ता मौजूद था—जो मर चुका था, लेकिन उसका शरीर बिल्कुल सुरक्षित था। वह सड़ा नहीं था, बल्कि लकड़ी जैसा सख्त हो गया था।

फ्लैशबैक: 1960 में क्या हुआ होगा?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह घटना 1960 के आसपास की है। यह कुत्ता एक हाउंड (Hound) नस्ल का शिकारी कुत्ता था।माना जाता है कि यह किसी छोटे जानवर (संभवतः रैकून या गिलहरी) का पीछा कर रहा था।जानवर जान बचाने के लिए एक खोखले पेड़ में घुस गया। कुत्ता भी उसके पीछे-पीछे पेड़ के नीचे बने छेद से अंदर घुस गया।जैसे-जैसे कुत्ता ऊपर चढ़ता गया, पेड़ संकरा (narrow) होता गया। करीब 28 फीट ऊपर जाने के बाद, कुत्ता बुरी तरह फंस गया।उसके पंजे हवा में लटक गए और वह न ऊपर जा सका, न नीचे आ सका। दुर्भाग्य से, वह वहीं फंसा रह गया और उसकी मौत हो गई।
विज्ञान: शरीर सड़ा क्यों नहीं? (The Science Behind It)किसी भी मृत शरीर का सड़ना तय होता है, लेकिन स्टकी के साथ ऐसा नहीं हुआ। इसके पीछे 3 बड़े वैज्ञानिक कारण थे:
चिमिनी इफ़ेक्ट (Chimney Effect): जिस खोखले पेड़ में वह फंसा था, उसमें हवा नीचे से ऊपर की तरफ बहती थी (जैसे चिमनी में धुआं जाता है)। इस हवा ने कुत्ते के शरीर की गंध (Scent) को ऊपर उड़ा दिया। इस कारण मांस खाने वाले कीड़े-मकोड़े या बैक्टीरिया को गंध नहीं मिली और वे उस तक नहीं पहुंचे।
कुदरती ममीफिकेशन (Tannin): यह पेड़ चेस्टनट ओक था। इस पेड़ की लकड़ी में ‘टैनिन’ (Tannin) नाम का पदार्थ बहुत अधिक मात्रा में होता है। टैनिन एक प्राकृतिक ‘डेसिकेंट’ (Desiccant) है, यानी यह नमी को सोख लेता है। पेड़ के टैनिन ने कुत्ते के शरीर की सारी नमी सोख ली, जिससे उसकी त्वचा सड़ने के बजाय लेदर (Leather) जैसी सख्त हो गई।सुरक्षित वातावरण: पेड़ के तने ने उसे बारिश और धूप से बचाकर रखा।आज Stuckie कहाँ है?लकड़हारों ने उस कुत्ते को पेड़ से बाहर नहीं निकाला। उन्हें यह घटना इतनी दुर्लभ लगी कि उन्होंने पेड़ के उस हिस्से को वैसे ही काट लिया।बाद में इसे Southern Forest World Museum (वेक्रॉस, जॉर्जिया) को दान कर दिया गया।साल 2002 में एक प्रतियोगिता के जरिए इसका नाम ‘Stuckie’ रखा गया।आज भी स्टकी उसी लकड़ी के तने के अंदर मौजूद है, कांच के एक बॉक्स में। दुनिया भर से लोग इस अभागे लेकिन मशहूर कुत्ते को देखने आते हैं, जो 60 साल पहले शिकार के लिए निकला था और इतिहास का हिस्सा बन गया।