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प्रकृति से प्रेरणा: गूगल की ‘ट्री’ (Tree) नेमिंग सीरीज़

जब गूगल ने क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया में कदम रखा, तो उन्होंने अपनी चिप्स के नामकरण के लिए एक थीम तय की। यह थीम थी—पेड़ और पौधे। यह नामकरण केवल सुनने में अच्छा नहीं लगता, बल्कि यह “विकास”, “शाखाओं के विस्तार” और “जटिलता” का भी प्रतीक है, जो क्वांटम कंप्यूटिंग के मूल सिद्धांत हैं।यहाँ गूगल की प्रमुख क्वांटम चिप्स और उनके नामों का क्रम दिया गया है: 1. फॉक्सटेल (Foxtail) – शुरुआतयह गूगल के शुरुआती प्रयोगों में से एक था। ‘फॉक्सटेल’ एक प्रकार की घास या पौधा होता है। यह चिप क्वांटम प्रोसेसर के शुरुआती चरणों को दर्शाती थी, जहाँ गूगल अभी अपनी तकनीक की जड़ें जमा रहा था। 2. ब्रिसलकोन (Bristlecone) – स्थिरता की ओर2018 में, गूगल ने ‘ब्रिसलकोन’ प्रोसेसर पेश किया।नाम का अर्थ: ब्रिसलकोन पाइन (Bristlecone Pine) दुनिया के सबसे पुराने जीवित पेड़ों में से एक है। यह नाम शायद “स्थिरता” और “लंबे समय तक चलने” की उम्मीद के साथ चुना गया था।महत्व: यह 72-क्यूबिट (Qubit) वाला प्रोसेसर था, जिसका उद्देश्य क्वांटम एरर करेक्शन (Error Correction) को टेस्ट करना था। 3. साइसमोर (Sycamore) – क्वांटम सुपीरियरिटी का प्रतीकयह गूगल का सबसे प्रसिद्ध प्रोसेसर है, जिसने 2019 में पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरीं।नाम का अर्थ: साइसमोर (Sycamore) एक विशाल और मजबूत पेड़ होता है। यह नाम उस मज़बूती और विस्तार को दर्शाता है जिसे गूगल ने हासिल किया था।महत्व: 53-क्यूबिट वाली इस चिप ने “क्वांटम सुपीरियरिटी” (Quantum Supremacy) हासिल करने का दावा किया। इसने एक ऐसा कैलकुलेशन मिनटों में किया जिसे पारंपरिक सुपरकंप्यूटर को करने में हज़ारों साल लगते। 4. विलो (Willow) – अगली पीढ़ीअब, गूगल ने ‘विलो’ (Willow) चिप पेश की है।नाम का अर्थ: विलो (बेंत का पेड़) अपनी लचीलेपन (flexibility) और तेज़ी से बढ़ने के लिए जाना जाता है।महत्व: यह चिप केवल स्पीड के बारे में नहीं है, बल्कि यह क्वांटम एरर करेक्शन (ग़लतियों को सुधारने) में एक बड़ी छलांग है। विलो चिप दर्शाती है कि क्वांटम कंप्यूटर अब केवल “प्रयोग” नहीं रहे, बल्कि वे व्यावहारिक उपयोग की तरफ ‘बढ़’ रहे हैं। पेड़ों के नाम ही क्यों? (निष्कर्ष)- तकनीकी विशेषज्ञों का मानना है कि ‘पेड़’ नाम रखने के पीछे दो मुख्य मनोवैज्ञानिक कारण हो सकते हैं:विकास (Growth): जैसे एक छोटा पौधा विशाल पेड़ बनता है, वैसे ही क्वांटम कंप्यूटिंग अभी अपनी शुरुआती अवस्था (Sapling) में है और भविष्य में यह विशाल रूप लेगी।ब्रांचिंग (Branching): क्वांटम फिजिक्स में “मेनी-वर्ल्ड्स थ्योरी” (Many-Worlds Theory) या संभावनाओं की शाखाओं का बहुत महत्व है। पेड़ की शाखाएँ इसी ‘संभावनाओं के विस्तार’ का सबसे अच्छा प्राकृतिक उदाहरण हैं।गूगल का यह नेमिंग सिस्टम हमें याद दिलाता है कि भले ही तकनीक कितनी भी जटिल क्यों न हो जाए, उसकी जड़ें हमेशा हमारी दुनिया और प्रकृति से जुड़ी रह सकती हैं।

गूगल विल्लो (Google Willow): क्वांटम कंप्यूटिंग की दुनिया का नया ‘सुपरस्टार’

टेक्नोलॉजी की दुनिया में एक बड़ा धमाका करते हुए, गूगल ने अपने नए क्वांटम प्रोसेसर ‘विल्लो’ (Willow) का एलान किया है। यह चिप क्वांटम कंप्यूटिंग के क्षेत्र में एक ऐसी क्रांति मानी जा रही है, जो आने वाले समय में कंप्यूटर की परिभाषा बदल देगी।